Migraine Meaning in Hindi | माइग्रेन का कारण,लक्षण और इलाज

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Migraine meaning in hindi:-दर्द हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग हैं। हर कोई कभी न कभी कहीं न कहीं तो किसी न किसी दर्द से अवश्य ही जूझता है, तथा पेट दर्द कमर दर्द, दांत दर्द, पैर दर्द, गर्दन दर्द तो ऐसे आम दर्द हैं जिनकी शिकायत रोजाना सुनने को मिल सकती है।

ऐसा ही एक आमतौर पर उभरने वाला दुखदायी रोग है; माइग्रेन (आधासीसी), जो कि मानव के स्वर्ण मंदिर (मस्तिष्क/brain) पर सीधा प्रहार करता है।

माइग्रेन एक मस्तिष्क विकार है, जिसमें रोगी के सिर में भयानक दर्द होता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाएं माइग्रेन से ज्‍यादा ग्रस्‍त होती हैं। यह दर्द कई बार अचानक शुरू हो जाता है और फिर ठीक भी हो जाता है।

माइग्रेन का शिकार व्‍यक्ति उम्र के किसी भी पड़ाव में हो सकता है। इसमें होने वाले तेज दर्द का कोई समय निश्‍चित नहीं होता, सुबह और शाम के समय यह ज्‍यादा महसूस होता है।

अमेरिका में होने वाली यह आम समस्‍या है। इसका असर आंखों की रोशनी पर भी पड़ता है।

तो चलिए अब माइग्रेन का घरेलू इलाज जानते हैं।

माइग्रेन क्या है? (Migraine meaning in hindi)

हम अक्सर ही सिरदर्द से परेशान हो जाते हैं वैसे तो सिरदर्द को भी सामान्य ही समझा जाता है, लेकिन हर केस में अक्सर होने वाला दर्द आम नहीं होता है।

वास्तव में बहुत सी बड़ी बीमारियों के आगाज का अंदाज सिरदर्द से होता है। ऐसी ही एक बीमारी है माइग्रेन जिसे आम बोलचाल की भाषा में अधकपारी भी कहा जाता है।

अधकपारी या माइग्रेन एक जटिल विकार है। जिसमें बार बार मध्यम से गंभीर सिरदर्द होता है। इसके साथ स्वैच्छिक तंत्रिका तंत्र से संबंधित लक्षण भी होते है।

Migraine meaning in hindi– हेमीक्रेनिया(hemicrania)शब्द ग्रीक भाषा से लिया गया है। ये हेमी (आधा) और क्रेनियम(सिर दर्द) से मिलकर बना है। 

आमतौर पर सिरदर्द एक हिस्से को प्रभावित करता है और इसकी प्रवृति धुकधुकी जैसी होती है।

बार-बार लम्बे समय तक होने वाले सिरदर्द का एक आम स्वरूप माइग्रेन (Migraine) है, इसके मुख्य लक्षण है- आधे सिर में तेज फुदकता हुआ दर्द और जी घबराना व उल्टी आना।

अक्सर इसमें व्यक्ति को घंटे भर पहले कुछ आभास हो जाता है और आंखों के सामने रंगीन किरणें दिखाई देने लगती हैं। 

माइग्रेन को पहचानने के लिए निम्न तीन बातें आवश्यक है: 

1. यह परिवार में प्रायः कई लोगों को हो सकता है।

2. यह सिरदर्द हर बार लगभग 2-72 घंटे में स्वतः ही समाप्त हो जाता है।

3. जिस तरफ दर्द हो रहा है ऊपर की गर्दन में केरोटिड धमनी को दबाने से आराम मिलता है। 

और पढ़ें: कैसा भी सिर दर्द हो उसका रामबाण इलाज

माइग्रेन क्यों होता है?(Migraine meaning in hindi)

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आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार सूखा भोजन करने से, भोजन पर भोजन करने से, बहुत चलने से, मल मूत्र का वेग रोकने, अति सहवास व ज्यादा कसरत करने, पानी कम पीने से, कष्टदायक बस यात्रा, कच्ची नींद से जागने पर, माहवारी की गड़बड़ी आदि से यह रोग उत्पन्न हो जाता है।

इसके पीछे मुख्य कारक घटक शोक, चिन्ता, भय, क्रोध तनाव होते हैं, जो इसे मुख्य रूप से प्रभावित करते हैं और इस रोग को भयानक बना कर रोगी की स्थिति को कष्टदायक बनाते हैं।

रोगी की स्थिति की जानकारी से सफल चिकित्सा की जा सकती है। शारीरिक मेहनत व मजदूरी करने वाले लोगो में यह रोग कम होता है।

पठन-पाठन का अधिक काम करने वालों और बुद्धिजीवी को भी यह रोग हो सकता है। यह रोग आमतौर पर औरतों में अधिक पाया जाता है।

माइग्रेन के बहुत से प्रकार है किन्तु दो मुख्य है:- 

1.क्लासिकल : माइग्रेन में धुंधला दिखने, कानों में आवाज आने के साथ सिरदर्द के पहले चेतावनी युक्त लक्षणों को दर्शाता है। रोगी गति और ध्वनि से उत्तेजित हो जाता है। वमन या उल्टी के बाद सिर दर्द में आराम मिलता है। 

2. नॉन क्लासिकल : समय समय पर केवल सिरदर्द होता है किन्तु किसी और तरह के लक्षण नही मिलते है। इसमें भी 10-15 महीने सिर के आधे भाग में दर्द उठता है और स्वयं शांत हो जाता है।

इसमें एकाएक टूटने के समान दर्द, सुई के युमाने के समान वेदना, चक्कर आना एवं शूल होता है।

माइग्रेन के कारण (Migraine meaning in hindi)

माइग्रेन के वास्तविक कारणों में अक्सर देखा गया है कि माइग्रेन एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होता है।

मनोवैज्ञानिक समस्याएं और गहरा अवसाद या न्यूरोटिक डिसऑर्डर जैसे पक्षाघात और मिर्गी के खतरे को बढ़ा देते हैं।

कई खाने पीने की चीजें माइग्रेन के लिए ट्रिगर का काम करती हैं। बीयर, रेड वाइन, चॉकलेट और कैफीन की लत माइग्रेन का शिकार बना सकती है।

वातावरण जैसे तापमान में अचानक बढ़ोतरी भी इसे बढ़ा सकती है।

माइग्रेन के बचाव (Migraine meaning in hindi)

मानसिक तनाव न होने दें ! तेज मसालेदार व जले भुने भोजन से परहेज करें। हल्का व सुपाच्य भोजन करें।

फलाहार में सेब, आम, अंगूर, खीरा, ककड़ी, गाजर. हरी पत्तेदार सब्जी खाएं। भोजन चबाकर खाएं भोजन के बाद कम से कम 45 मिनट टहलें फिर सोएं।

छींक, मूत्र, मल, निद्रा आदि वेगों को न रोकें। दिन में सोना या रात्रि में अधिक देर तक जागना वर्जित है।

माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज पतंजलि इन हिन्दी:

माइग्रेन से मुक्ति का उपाय :- दिमाग शरीर के पूरे प्रक्रिया तंत्र को नियंत्रित करता है। स्मरण शक्ति हमारे लिए अत्यन्त आवश्यक है। छोटे-छोटे कामों से लेकर बड़े-बड़े कामों तक स्मरण शक्ति की जरूरत होती है।

एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति में इस रोग में केवल महसूस नहीं होने देने का उपाय है। पर यह रोग जड़ से नष्ट नहीं हो पाता।

सर्वप्रथम पहले रोगी से इस रोग के बारे में, कब हुआ, कैसे हुआ, क्या महसूस होता है, शिकायत कब-कब होती है आदि पूर्व जानकारी- प्राप्त करनी चाहिए।

माइग्रेन प्रबन्धन का एक जरूरी हिस्सा है। इसमें दर्द निवारक दवा, माइग्रेन सर्जरी, पोषक तत्वों का सेवन, जीवनशैली और इसके ट्रिगर के बचाव शामिल है।

  • माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज #1

पंचकर्म के अंतर्गत भावी क्रिया “शिरोधार” एक स्पाथेरेपी है जो माइग्रेन को नियंत्रित रखने में मदद करती है। दवाओं के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए दवा धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए।

खाली पेट कुंजाल, जलनेति आदि करें। रोगी को मानसिक तनाव, क्रोध, ईर्ष्या आदि से बचना चाहिए।

  • माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज #2

नाड़ी दर्द में आता है माइग्रेन रोग। शरीर के विशेष अंग (भाग) में स्नायविक दर्द से स्नायुशूल यानी नाड़ी का दर्द उत्पन्न होता है।

यह अंगों के अनुसार कई तरह के होते हैं जैसे चेहरे का स्नायुशूल, माइग्रेन,अधकपारी, पार्श्वशूल (कमर का दर्द), गृध्रसी (घुटनों का दर्द), सायटिका, पेट, हृदय और यकृत आदि अंगों में दर्द होता है।

👉मुलहठी के साथ शतावरी, अश्वगंधा को समान रूप से मिलाकर रख लें।दिन में 3 बार यह चुर्ण दूध के साथ सेवन करे। कुछ ही दिनों नाड़ी दर्द खत्म हो जाएगा।

  • माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज #3

माइग्रेन के दर्द को दूर करने के लिए चाय में अदरक डालकर पिएं या अदरक का टुकड़ा मुंह में रख लें. अदरक का किसी भी रूप में सेवन करने से फायदा मिलता है. अदरक माइग्रेन में बेहतरीन दवा का काम करती है।

यह एक ऐसा मसाला है, जो खाने का टेस्ट बढ़ाने के साथ ही माइग्रेन का सफल इलाज भी करता है. दालचीनी को पानी के साथ पीसकर आधे घंटे तक माथे पर लगाकर रखें.

माइग्रेन का इलाज़/घरेलू उपचार :(Migraine ka Permanent ilaaj )

head massage for migraine or headache

1. माइग्रेन हो तो सबसे पहले हल्के हाथों से मालिश करनी चाहिए। हाथों के स्पर्श से मिलने वाला आराम किसी दवा से ज्यादा असर करता है. सिरदर्द होने पर कंधों और गर्दन की भी मालिश करनी चाहिए।

2. एक तौलिये को गर्म पानी में डुबोकर उस गर्म तौलिया से दर्द वाले हिस्से की मालिश कीजिए | कुछ लोगों को ठंडे पानी से की गई मालिश में भी आराम मिलता है।

3. सिरदर्द में सूरज निकलने के समय नाक द्वारा मीठा दूध सूंघना चाहिए, इससे सिर की तीव्र पीड़ा शान्त होती है।

4. तंबाकू के पत्ते, लौंग समभाग पानी के साथ पीसकर मस्तिष्क पर गाढ़ा लेप करने से माइग्रेन शूल में लाभ होता है।

5. लहसुन छीलकर कपड़े से छानकर रस निकाल ले फिर 10 ग्राम रस लेकर उसमे 5 रत्ती हींग मिलाकर घोल लें। आवश्यकता के समय इसकी 3 बूंद रोगी के जिस ओर दर्द हो रहा है उसी ओर के नथुने मे डालें इससे माइग्रेन का दर्द दूर होता है।

6. प्रतिदिन प्रातःकाल उठते ही हाथ मुँह धोकर भुने हुए गरम गरम चने चबा कर खाएं। केवल 2-3 दिन के प्रयोग से ही रोग दूर हो जाता है।

7. गाय का ताज़ा घी सुबह शाम नाक में चढ़ाने से आधासीसी के दर्द में आराम मिलेगा।

8. स्वच्छ नौसादार(sal ammoniac) पिसी हुई 5 ग्राम की मात्रा में सूर्योदय से एक घंटा पहले पानी के साथ प्रयोग करने से माइग्रेन में  फायदा होगा। 

9. जिस ओर दर्द हो उसी ओर के कान में कागजी नींबू के रस की 3-4 बूँदें डालते ही दर्द से आराम मिलेगा।

10. नींबू के छिलके को पीसकर इसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन से राहत मिलती है।

11. जिस ओर दर्द हो उधर के नथुनों में 10 ग्राम कड़वा/सरसों तेल डालकर सुंघाने से दर्द दूर हो जाता है। यह प्रयोग 3-4 दिन तक करना चाहिए।

12. सिरदर्द होने पर अपनी सांस की गति थोड़ा धीमा कर दीजिए लम्बी सांसें लेने की कोशिश बिल्कुल मत कीजिए। आराम से सांस लेने से आपको दर्द के साथ होने वाली वेदना से भी राहत मिलेगी।

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13. माइग्रेन का दर्द होने पर कपूर को घी में मिलाकर सिर पर हल्के हाथों से कुछ देर तक मालिश कीजिए।

14. नित्य भोजन के समय दो चम्मच शुद्ध शहद लेने से आधासीसी का दर्द समाप्त होता है।

15. दर्द के समय नाक के नथुनों में 1-1 बूंद शहद डालकर ऊपर की ओर सूंघने से आराम मिलता है।

16. दस ग्राम काली मिर्च चबाकर ऊपर से 20 से 25 ग्राम देशी घी पीने से आधा शीशी का दर्द दूर होता है।

17. शिरीष की ताज़ा जड़ व फूलों का रस नाक में निचोड़ ले।

18. चार-चार बूँद गोघृत पिघला कर नस्य के रूप में दोनों नथुनों में प्रयोग करें।

19. हरड़, बहेड़ा, आमला, चिरायता, हल्दी, नीम की छाल, गिलोय। इन सब औषधियों को बराबर मात्रा में लेकर कूट लें। 45 ग्राम चूर्ण में 200 ग्राम गुड़ चीनी सुबह के समय खाली पेट लें ज्यादा लाभ होगा।

20. चाय में पिपरमेंट मिलाकर पिएं, तुरंत आराम मिलेगा। 

21. एक मुनक्‍के का बीज मिलाकर एक साबुत राई रख दें । सुर्योदय से पहले कुल्ला करके पानी से मुनक्का निगल लें। दो-तीन दिन तक ऐसा करें।

22. आंवले को पीसकर सिर पर लेप करें।

23. सौंठ को पानी में पीस कर उसका लेप करें।

24. समय पर सोना व जागना चाहिए।

25. नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए।

26. बहुत ज्यादा देर तक भूखे नहीं रहना चाहिए।

27. तनाव को नियमित व्यायाम के द्वारा नियंत्रित करना चाहिए ।

28. बहुत तेज व घूमने वाली रोशनी से बचना चाहिए।

उन चीजों की पहचान कर उनसे बचना चाहिए, जिनसे ये समस्या होने की संभावना है।

माइग्रेन के लिए योग द्वारा उपचार (Migraine meaning in hindi)

योगासन जो माइग्रेन में फायदेमंद होता है लगभग आधे घंटे करें या शक्ति अनुसार करें:

1. शीर्षासन : मस्तिष्क के ज्ञान तन्तु, स्मरण शक्ति वृद्धितेज।

2. सर्वागासन : ज्ञानतन्तुओ के आरोग्य पर अच्छाप्रमाव।

3. ग्रीवा चक्रासन : खोपड़ी की मांसपेशियों में तनाव शिथिलन।

4. हस्तपाद लोपासन : मन की शांति एकाग्रता।

5. वजासन : स्मृति तीव्र निराशा को रोकता है।

6. आनन्दम मदिरासन : मानसिक उत्तेजना और चिन्ताएं रोकता है।

7. मेक आसन : कब्ज़ अपच निराशा व नर्वसनेस दूर करता है।

8. जानुशिरासन : स्मरण शक्ति बढ़ाना व स्वस्थ चिंतन।

9. ज्ञानमुद्रा : अँगूठा व तर्जनी को मिलाने से बनती है।

लाभ : स्मरण शक्ति तेज़ होती है। मानसिक रोग, चिड़िचिड़ापन एवं अनिद्रा दूर करती है। मानसिक रोगों के लिए रामबाण है। साथ में धीरे-धीरे अनुलोम विलोम प्राणायाम करें। इससे आशातीत लाभ मिलेगा।

माइग्रेन में लाभदायक है बादाम

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माइग्रेन के रोगियों के लिए बादाम बहुत फायदेमंद होती हैं। रोजाना 10-12 नग बादाम का सेवन लाभकारी माना जाता है।

बादाम दिमाग से संबंधित रोगों को जड़ से खत्म करता है। बादाम प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक, आयरन और फाइबर का भी अच्छा सोर्स है।

मैग्नीशियम प्रभावी ढंग से विभिन्‍न माइग्रेन सक्रियताओं का मुकाबला कर सकता है क्योंकि यह रक्त शर्करा और रक्तचाप(Blood pressure) के स्तर को नियंत्रित करता है।

अपने आहार में 800 मिलीग्राम मैग्नीशियम की खुराक माइग्रेन के दौरों का प्रभावी ढंग से इलाज करने में मदद कर सकती है।

20 ग्राम कच्चे बादाम में हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन होता है, जबकि आवश्यक एमीनो एसिड्स में से तीसरा जरूरी एमीनो एसिड है। बादाम तेल से सिर की मालिश करने पर भी आराम मिलता है।

नोट:- वे लोग जिनके ब्लड में पित्त अधिक हो, उन्हें बादाम नहीं खाना चाहिए।

माइग्रेन में परहेज

यहाँ एक माइग्रेन रोगी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं:

1. अपनी दैनिक गतिविधियों को नाश्ते और दोपहर के भोजन के बिना शुरू न करें और केवल चाय या कॉफी से संतुष्ट न हों।

2. उन खाद्य पदार्थों से बचें जिनमें अमीनो एसिड होता है। यह ज्यादातर मांस, पनीर, मूंगफली और चॉकलेट में पाया जाता है।

3. फीवरफ्यू एक फूल है जिसमें ऐसे तत्व होते हैं जो माइग्रेन के प्रभाव और अवधि को कम करने में मदद करते हैं, इसकी पत्तियों को सुखाकर पाउडर या कॉफी पीकर राहत मिल सकती है।

4. अलसी के तेल में आवश्यक फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है। इस प्रकार के दर्द के लिए दिन में एक से दो बड़े चम्मच उपयोगी होते हैं।

5. माइग्रेन शुरू होने पर एक से दो ग्राम अदरक का चूर्ण लेने या एक छोटा टुकड़ा चबाने से दर्द तेज नहीं होता है।

6. शरीर में पानी की कमी(Dehydration) न होने दें क्योंकि यह माइग्रेन के सिरदर्द का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। जिन्हें यह समस्या है उन्हें लंबे समय तक खाना न खाने पर भी सिरदर्द हो सकता है।

7. गर्म चाशनी में डूबी जलेबी को खाने से अक्सर फायदा होता है।

8. कोशिश करें कि काम और व्यस्तताओं पर ज्यादा ध्यान न दें। साथ ही कम से कम 30 मिनट तक टहलें। अपनी दिनचर्या में साइकिल चलाना, तैराकी और कई तरह के व्यायाम शामिल करें। क्योंकि ये सभी तरीके तनाव और चिंता से छुटकारा पाने के लिए बेहद जरूरी हैं।

9. जो लोग पर्याप्त नींद नहीं लेते या बहुत अधिक सोते हैं वे अक्सर माइग्रेन से पीड़ित होते हैं, इसलिए पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करना महत्वपूर्ण है।

10. दिन में कम से कम 2 लीटर पानी पिएं और ज्यादा कॉफी, चाय और कोल्ड ड्रिंक्स से परहेज करें।

11. भारी धूम्रपान और शराब और माइग्रेन के बीच एक मजबूत संबंध है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि बीमारी वाले लोग इनसे बचें।

माइग्रेन की टेबलेट/दवाई

माइग्रैनेक्स 10 टैबलेट(Migranex 10 MG Tablet)

माइग्रैनेक्स 10 टैबलेट एक दवा है जिसका इस्तेमाल माइग्रेन की रोकथाम के लिए किया जाता है.

हालांकि, यह एक एक्यूट हमले का इलाज नहीं कर सकता और यह माइग्रेन की रोकथाम के लिए केवल तब तक काम करेगा जब तक आप इस दवा को लेना जारी रखेंगे.

यह दवा मस्तिष्क को आराम देती है, माइग्रेन सिरदर्द को रोकती है.

माइग्रैनेक्स 10 टैबलेट खाने के साथ या बिना खाना खाए भी लिया जा सकता है. हालांकि, इसे हर दिन एक तय समय पर लेने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे शरीर में दवा के समान लेवल को बनाए रखने में मदद मिलती है..

गर्भवती या स्तनपान करने वाली माताओं को इस दवा को लेने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.

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मीग्रान 10एमजी टैबलेट (Migran 10mg Tablet)

मीग्रान 10एमजी टैबलेट (Migran 10mg Tablet) माइग्रेन के हमलों को रोकने के लिए प्रयोग किया जाता है। एक दवा है इसका इस्तेमाल हमलों की आवृत्ति कम करने और कुछ मामलों में गंभीरता से किया जाता है।

हालांकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि मीग्रान 10एमजी टैबलेट एक पहले से होने वाली तीव्र माइग्रेन हमले के इलाज के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

यदि आप त्वचा के दाने , मांसपेशियों में दर्द, अनियमित दिल की धड़कन , साँस लेने में परेशानी और भूकंप से परेशान हैं। हाल के स्ट्रोक , हार्ट फैल और हाइपोटेंशन के मामले में, यह दवा शायद मतभेद हो सकती है।

इस दवा को लेने से पहले एक निवारक उपाय के रूप में, यह सलाह दी जाती है कि आप अपने डॉक्टर को सूचित करें।

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  • माइग्रेन के इलाज के लिए कई दवाइया बनाई गई है , कुछ दर्द से छुटकारा दिलाने वाली होती है और कुछ माइग्रेन से लड़ने वाली, इबुप्रोफेन और एस्पिरिन मामूली माइग्रेन अटैक में काम आती है।

माइग्रेन निवारण के मूलमंत्र

प्रतिदिन सुबह कुछ हवा में व्यायाम या घूमना, स्वास्थ्यप्रद भोजन, पूरी मात्रा में पानी (कम से कम दो लीटर प्रतिदिन), तनाव से मुक्ति के लिए कुछ मनोरंजन, ध्यान, पूजा आदि व लगभग 8 घंटे चैन की नींद महत्वपूर्ण है। (1,2,3)

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