गुड़ के 20 जबरदस्त फायदे | Benefits Of Jaggery In Hindi

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Benefits Of Jaggery In hindi– गन्ने के रस से सफेद क्रिस्टलीय चीनी की खोज आज से पंद्रह सौ साल पहले भारत में हुई थी.

इसका उपयोग पाँचवीं शताब्दी में, जब महाराजा चंद्र गुप्त शासन कर रहे थे तब किया गया था। 

और चीनी की खोज से पहले आमतौर पर खाद्य पदार्थों को मीठा करने के लिए शहद और गुड़ इस्तेमाल किया जाता था। 

गुड़ की खोज की तारीख लगभग 3000 साल पुरानी है और यह तब इंडिया (वर्तमान भारत और पाकिस्तान) में खोजी गई थी।

इसका उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा कड़वी दवा को मीठा करने के लिए एवं कई बीमारियों के खिलाफ एक दवा के रूप में भी किया जाता था।

अगर गुड़ की तुलना चीनी से की जाती है, तो आपको पता होगा कि चीनी मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, जबकि गुड़ का हमारे स्वास्थ्य पर असंख्य अच्छा प्रभाव पड़ता है।

इस लेख में गुड़ खाने के कुछ लाभों को जोड़ा गया है, जिसे पढ़कर आप चीनी के बजाय इसकी शुरुआत करेंगे। 

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पुराना गुड़ खाने के फायदे-(Benefits Of Jaggery In hindi)

नया गुड़ कफ, श्वास तथा कृमि पैदा करने वाला, गरम, पित्तकारक होता है। कुछ दस्तावर होता है। 

पुराना गुड़ हलका, अग्निवर्द्धक, रूचिकारक, मधुर रक्तदोषनिवारक, वीर्यवर्द्धक, हृदय के लिए हितकारी त्रिदोषनाशक होता है। 

एक वर्ष पुराना गुड़ उत्तम होता है। तीन वर्ष से अधिक पुराना गुड़ गुणहीन माना गया है। 

सत्तू के साथ गुड़ का प्रयोग गर्मी के दिनों में लाभप्रद होता है। पुराना गुड़ सॉठ के साथ समस्त वात संबंधी विकारों को नष्ट करता है। 

हरड़ चूर्ण के साथ गुड़ का सेवन करने से पित्त विकार नष्ट होते हैं। अदरक के साथ गुड़ खाने से कफ नष्ट होता है।

हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार हृदय रोगी के लिए गुड़-मूँगफली की पट्टी खाना हितकारक है। 

पुराना गुड़ नवप्रसूता के लिए लाभप्रद होता है | उसे गुड़ के विभिन्‍न व्यंजन खिलाना चाहिए। 

खाना खाने के बाद गुड़ का सेवन(Benefits Of Jaggery In hindi)

भोजन के बाद 5-10 ग्राम गुड़ खाने से पोषक तत्वों की पूर्ति तो होती ही है, सेरोटोनिन नामक एंजाइम का स्राव मस्तिष्क में बढ़ने से अनिद्रा, असंतोष, डिप्रेशन, तनाव आदि से मुक्ति मिलती है। गैस-अपच दूर करके पाचन क्रिया में भी लाभ मिलता है।

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आपके मीठे पदार्थों में चीनी के रूप में चीनी खाने से केवल कैलोरी मिलती है और इन कैलोरी से मोटापा और मधुमेह हो सकता है। 

जबकि गुड़ में कई खनिज होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं, आइए जानते हैं कि गुड़ हमें किस तरह से फायदा पहुंचाता है।

गुड़ खाने के फायदे(Benefits Of Jaggery In hindi)

पाचनतंत्र को मजबूत करता है

गुड़ कब्ज में बहुत उपयोगी है क्योंकि यह भोजन को पचाने में मदद करता है, यह हमारे पेट में भोजन को पचाने वाले एंजाइम को जागृत करता है और हमें अपच से बचाता है। और कब्ज के मामले में, खाने के बाद, आपको कुछ गुड़ खाने की सलाह दी जाएगी।

यह लीवर को साफ करता है

गुड़ हमारे जिगर से अपशिष्ट उत्पादों को हटाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और खनिज, विशेष रूप से जस्ता और सेलेनियम, मुक्त कणों को नियंत्रित करते हैं जो हमारे अंगों को प्रभावित करते हैं और कैंसर जैसे रोगों से हमारी रक्षा करते हैं। 

साथ ही हमारे शरीर में संक्रमण को नियंत्रित करते हैं और मजबूत होते हैं। हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली।

श्वसन प्रणाली में सुधार करता है और बलगम को समाप्त करता है

सांस की बीमारियों में गुड़ बहुत उपयोगी है, खासकर जब प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं। 

जब संदूषण श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है, तो ऐसे मामलों में, थोड़ी मात्रा में गुड़ खाने से वायु मार्ग साफ हो जाता है और अगर फाइबर, बलगम आदि होते हैं, तो गुड़ इसे भी साफ करता है।

महिलाओं के मासिक धर्म में ऐंठन को खत्म करता है

यदि महिलाएं रोजाना थोड़ी मात्रा में गुड़ खाती हैं, तो यह न केवल उनके मूड को बेहतर बनाता है, बल्कि मासिक धर्म की ऐंठन को भी खत्म करता है।

यह मासिक धर्म की ऐंठन को खत्म के साथ साथ पेट दर्द से राहत भी देता है।

आंतों के लिए बेहद उपयोगी

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गुड़ आंतों को मजबूत करता है क्योंकि इसमें मैग्नीशियम की एक बड़ी मात्रा होती है। प्रत्येक 10 ग्राम गुड़ के लिए, आपको 16 मिलीग्राम मैग्नीशियम प्राप्त होता है, जो, मैग्नीशियम की शरीर की दैनिक आवश्यकता का 4% है।

रक्तचाप को नियंत्रित करता है(Blood Pressure)

गुड़ में पोटेशियम और सोडियम हमारे शरीर में अम्लता को नियंत्रित करने और हमारे रक्तचाप को सामान्य करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जोड़ों के दर्द में उपयोगी(Arthritis)

अगर आप जोड़ों के दर्द से पीड़ित हैं तो गुड़ आपके लिए बहुत उपयोगी है।

आप जोड़ों के दर्द के मामले में अदरक के साथ इसका इस्तेमाल कर सकते हैं या गर्म दूध पीना शुरू कर सकते हैं। यह आपकी हड्डियों और जोड़ों के दर्द को मजबूत करेगा।

गुड़ सबसे अच्छा ऊर्जा बूस्टर है(Energy Booster)

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तुरंत ऊर्जा प्राप्त करने और व्यायाम करने से पहले, गुड़ का शरबत आपके शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और आपकी काम करने की क्षमता को बढ़ाता है।

गुड़ में मौजूद जटिल कार्बोहाइड्रेट आपकी थकान को दूर करते हैं और आपको काम करने के लिए पुनः स्फूर्ति प्रदान करते हैं।

वजन कम करने में मदद करता है

गुड़ में बहुत अधिक पोटेशियम होता है और पोटेशियम एक खनिज है जो हृदय रोगों में बहुत उपयोगी है। जहां यह आपके मेटाबोलिज़म को बढ़ाता है और Extra चर्बी को कम करने में मदद करता है।

गुड़ खाने से क्या फायदा है/खास घरेलू उपाय  (Benefits of Jaggery in Hindi)

गुड़-खाने-के-फायदे

सर्दी-जुकाम – एक कटोरी ताजे दही में 3 ग्राम काली मिर्च तथा 10 ग्राम गुड़ मिलाकर 3 दिनों तक प्रातःकाल सेवन करने से बिगड़ा हुआ जुकाम जो शुष्क हो गया हो, नाक, मुँह से दुर्गंध, सूखी खाँसीयुक्त हो, दूर हो जाता है। 

एलर्जी, दमा-श्वास की तकलीफ – 10 ग्राम गुड़ में बराबर मात्रा में सरसों का तेल मिलाकर प्रात: 21 दिनों तक नियमित खाते रहने से लाम होता है। 

मूत्र की रुकावट, रक्तपित्त, दाह आदि – गुड़ में आँवला चूर्ण मिलाकर 5 ग्राम मात्रा में नित्य सेवन करने से इन व्याधियों का निवारण होता है। यह योग पौष्टिक व रोग निवारक है। 

अस्थियों की कमजोरी – गाय के दूध में गुड़ डालकर पीना चाहिए। फल, सलाद (कच्ची सब्जियां) भी नित्य सेवन करें। 

आँतों की सूजन – 5 ग्राम गुड़ के साथ 5 ग्राम बिल्व चूर्ण (बैल) का सेवन कर ताजा दही सेवन करें। 

इससे आंवयुक्त दस्त(Dysentery), आंतों की सूजन, आमवात(rheumatic disorders), कब्ज, आमशूल में लाभ होता है। 

रक्त विकार – अजवायन को पीसकर गुड़ के साथ छोटी- छोटी गोली बनाकर 45 दिनों तक 2-2 गोली प्रातः सेवन करने से लाभ होता है। 

तले खाद्य पदार्थों से परहेज रखें। हरी सब्जियाँ तथा सलाद एवं फलों को भोजन के साथ अनिवार्य रूप से स्थान दें। 

आंत्रकृमि – नीम की छाल 70 ग्राम लेकर तथा अजवाइन 5 ग्राम एक लीटर पानी में उबालकर 125 ग्राम शेष रहे, तब उसमें थोड़ा गुड़ घोलकर पी लें। 

यह प्रयोग रात्रि में सोते समय तीन दिनों तक करें। प्रतिदिन प्रातः निराहार ताजा मट्ठा, सेंधा नमक मिलाकर पिएं। 

कृमिनाशक प्रभाव के अंतर्गत आने वाले खाद्य जैसे-मूली, प्याज, हींग, जीरा, अजवायन, लहसुन, गाजर का रस, नींबू इत्यादि, जो भी अनुकूल हों भोजन में जगह दें। 

अपच, मरोड़, मंदाग्नि – 5 ग्राम गुड़ में थोड़ा-सा 2 ग्राम अदरक का रस तथा 2 ग्राम नींबू का रस मिलाकर चटाएँ | 

शय्या मूत्र – जिन बच्चों को बिस्तर में पेशाब करने का रोग हो, उनके लिए यह प्रयोग परीक्षित है-काले तिल को सेंककर पीस लें तथा गुड़, शुद्ध काले तिल के छोटे-छोटे लड्डू बनाकर नित्य 4-2 लड्डू खिलाएँ। कुछ ही दिनों में यह रोग दूर हो जाएगा। 

काले तिल न मिलें तो सफेद तिल का भी प्रयोग कर सकते हैं। तिल की रेवड़ियाँ गुड़ की बनी हो तो खिलाई जा सकती हैं। 

उल्टी(Vomiting) – 3 ग्राम गुड़ में एक ग्राम अदरक के रस को मिलाकर खिलाने से लाभ होता है। 

वायु विकार – चीनी गैस पैदा करती है, पचने में कठिन है, परंतु गुड़ पाचन में सहायता करता है। गैस की बीमारी दूर करता है। भोजन के बाद गुड़ खाएँ। 

हिचकी(Hiccup) – थोड़ा गुड़ चबाकर थोड़ा पानी पी लेने से हिचकी दूर होती हैं या जरा-सी सॉठ को गुड़ में मिलाकर खाने से हिचकी दूर हो जाती हैं। 

हृदय रोग(Heart)- हृदय रोगों के बढ़ने का कारण मैदा एवं सफेद चीनी का इस्तेमाल है। चीनी खराब कोलेस्ट्राल को बढ़ाती है। तले खाद्यों से भी हृदय रोग बढ़ता है। 

कॉफी रक्तचाप बढ़ाने का कार्य करती है। 5 ग्राम गुड़ के साथ 3 ग्राम गोघृत मिलाकर सेवन करना हितकारक है। नियमित सुबह-शाम टहलना चाहिए।

पसीना निकालने वाला थोड़ा श्रम करते रहने से हृदय रोग से बचाव होता है। संतुलित श्रम के बाद विश्राम की आवश्यकता होती है। 

सलाद, सूप, फलों का ताजा रस लाभप्रद होता है। चोकरयुक्त आटे की रोटी और हरी सब्जियाँ, सलाद तथा ताजा दही हृदय रोगी के लिए गुणकारक भोजन है।

गर्मी से जलन – गर्मी से हाथ-पैरों में जलन, त्वचा एवं मूत्र में जलन इत्यादि में हरड़ चूर्ण के साथ गुड़ को पिघलाकर छोटी-छोटी गोली बनाकर 1-1 गोली, पानी या ठंडा दूध के साथ लें। हरड़ के साथ गुड़ गर्मी का निवारण करता है। 

काँटा/काँच चुभन – थोड़ा गुड़ गरम कर पिघला लें। घाव को बिना कुरेदे गरम गुड़ चिपका दें। काँटा या काँच स्वयं बाहर निकल जाएगा। 

एनीमिया – खून की कमी दूर करने में गुड़ की बड़ी भूमिका है। गुड़ में आयरन (लोहा) होता है, जो हिमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए जरूरी है। नित्य भोजन में थोड़े गुड़ का सेवन करें। 

स्मरणक्षमता/याददाश्त की कमी – स्मरणक्षमता की वृद्धि चाहते हैं, तो चीनी छोड़े, गुड़ का सेवन करें। 

जोड़ों के दर्द – गुड़ का सेवन थोड़े अदरक के साथ करने से जोड़ों का दर्द दूर हो जाता है। खटाई तथा सफेद चीनी से सर्वथा परहेज रखिए। 

पीलिया(Jaundice) – (1) ।0 ग्राम गुड़ में 3 ग्राम सॉठ चूर्ण मिलाकर एक गिलास ताजे मट्‌ठे के साथ सेवन करें। गन्ने का रस पीना या गन्‍ना चूसना भी लाभकारी है।

(2) प्रातः 6 ग्राम गुड़ में । ग्राम खाने का चूना मिलाकर सेवन करने से भी पीलिया में लाभ होता है। तीन-चार दिन तक प्रातः यह प्रयोग करें। 

श्वेत प्रदर (White Discharge/Leucorrhoea) – 2-3 साल का गुड़ भरा हो ऐसा बोरा जलाकर भस्म बना लें | प्रतिदिन 6 ग्राम मात्रा में पानी के साथ 7 दिनों तक सेवन कराने से लाभ होता है। 

दाह/सूजन(inflammation) गुड़ को पानी में घोलकर 25 बार छानकर पीने से लाभ होता है। 

पर्यावरण शुद्धि के लिए – हवन-धूप इत्यादि में गुड़-गोघृत की आहुति देने की भारतीय परंपरा युगॉं-युगों से चली आ रही है। यह पर्यावरण शुद्धि में लाभ करता है। 

हानिकारक, संक्रामक बैक्टिरिया नष्ट कर जीवन रक्षा करता है। जीवनशक्ति बढ़ाता है। 

सिरदर्द(Headache) –

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(1) 100 ग्राम गुड़, काले तिल 6 ग्राम पीसकर माथे पर दूध के साथ लेप करने से अधकपारी/आधाशीशी(Migraine) का दर्द बंद होता है। 

(2) 5 ग्राम गुड़ रोजाना सूर्योदय के पूर्व खाने से सिरदर्द बंद होता है। 

(3) गाय का घी 2-2 बूँद नित्य सोते समय नाक के अंदर(Nostrils) डालने से 21 दिनों में पूर्ण लाभ होता है। इससे अनेक रोग दूर होते हैं। 

(4) सूर्योदय के पूर्व चावल के भात में दूध तथा मिश्री मिलाकर नित्य पूर्व की तरह मुंह करके खाने से लाभ होता है। 

नोट👉 गुड़ बहुत उपयोगी है लेकिन इसका बहुत अधिक उपयोग नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें उच्च कैलोरी होती है।(1,2)

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