पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय | Acidity Home Remedy

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पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय: क्या आपके पेट में गैस बहुत बनती है? पेट में गैस बनना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। जानकारों के अनुसार एक सामान्य व्यक्ति दिन में एक से 20 बार गैस का उत्सर्जन करता है।

कभी-कभी यह भी हो सकती है, गंभीर और दर्दनाक हो। लेकिन याद रखें कि पेट फूलना न केवल खाने-पीने में लापरवाही के कारण होता है, बल्कि अक्सर गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकता है।

लेकिन एक बात याद रखिए की अंग्रेजी में एक कहावत है, prevention is better than cure यानि परहेज, इलाज़ से ज्यादा फायदेमंद और काम की है. तो चलिए पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय से पहले इसके कारण और लक्षण को जान लेते हैं।

Table of Contents

पेट में गैस क्यों बनती है

Acidity reflux home remedy: पेट में गैस बनने का सबसे बुरा कारण भोजन करते समय बात करना है। इसके अलावा, भोजन के साथ कार्बोनेटेड पेय का उपयोग, धूम्रपान, च्युइंग गम आदि इसका कारण बन सकते हैं।

पेट में बनने वाली यह गैस डकार के रूप में मुंह से बाहर निकल जाती है लेकिन अगर यह गैस मुंह से बाहर नहीं निकल पाती तो आंतों में चली जाती है।

साथ ही बड़ी आंत, जहां अपच भोजन होता है। इस भोजन को तोड़ने के लिए बड़ी आंत में विशेष जीवाणु होते हैं जो इस भोजन को तोड़ते हैं।

तो यह एक दुर्गन्धयुक्त गैस पैदा करता है जो गुदा से निकल जाती है। इसके अलावा, कुछ खाद्य पदार्थों के पाचन के दौरान गैस बनती है।

पेट मे गैस बनने के कारण (Stomach Gas Causes)

  • पेट में खाने का सड़ना
  • जो पहले का खाना खाया उसके पाचन से पहले ही दूसरा भोजन खाना
  • शरीर को पाचन का समय नहीं देना
  • रात देर से सोकर सुबह देर से उठना, या नींद पूरी न होना
  • खाने में पानी वाली सब्जी की कमी
  • बहुत तेल या मसालेदार खाना
  • ज्यादा मैदा बेसन, या जंक फूड खाना
  • खाना सही से न चबाना
  • खाने के ठीक पहले या तुरंत बाद पानी पीना
  • खाने के तुरंत बाद खट्टे फल
  • खाने के तुरंत बाद सोना, या कुछ भी ऐसा काम करना जिससे शरीर का तापमान बढे
  • समय से शौच न जाना
  • जानवर जब बीमार होता है तो वह कुछ नहीं खाता बस आराम करता है या जंगल जी जड़ी बूटियों को खा लेता बस इंसान बीमारी में भी खाता रहता हैं एक तो शरीर कमजोर है ऊपर से और बोझ डाल दिया शरीर पर
  • जिन चीजों में फाइबर नहीं होता उसको खाओ तो वह पेट की पाचन नली में चिपक जाता है। जिससे खाना सड़ता है और पर में अम्ल बनता है। जो गैस बनता है।या आमाशय से एसिड मुंह की तरफ आता है जिससे जलन गैस एसिडिटी होती है।
  • सुबह पेट साफ ना होना
  • कम पानी पीना खाने के बीच में पानी पीना खाने के बाद पानी पीना खाने से पहले पानी पीना(जब आप खाना खाने लगते है हो पेट में एक क्रिया होती है जिसको जठराग्नि कहते है उसमें अम्लीय क्रिया होती है और खाने को पचाने में सहायक होती है ऊपर से यदि आप पानी पीते है तो वह क्रिया धीमी हो जाएगी और खाना पचेगा नहीं अपितु वह सड़ेगा)
  • सुबह खाली पेट पानी ना पीना (सुबह पानी पीने से आपका शौच खुल का आएगा पानी पीने के बाद 10 15 मिनट चले ,धीरे धीरे पानी कि मात्रा बढ़ाए बाद में कम से कम 1 लीटर पानी तो जरूर पी ले)
  • सुबह का नाश्ता ना करना (सुबह नाश्ता करना बहुत जरूरी है)
  • रात को गरिष्ठ भोजन करना जो जल्दी नहीं पचेगा
  • शराब सिगरेट का सेवन

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पेट में गैस बनने के लक्षण(Stomach Gas Symptoms)

चक्कर आना, उच्च रक्तचाप, मिजाज, धड़कन, घबराहट, सांसों की बदबू, डकार, कब्ज या असंतोषजनक मल त्याग, मसूड़ों में सूजन, मुंह में छाले और जीभ का फटना ये सभी में लक्षण पेट की खराबी या गैस की बीमारी होने के मामले में होता है।

पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय(Stomach Gas Problem Home Remedies)

अजवाइन

अजवायन में थाइमोल नामक एक यौगिक होता है जो गैस्ट्रिक जूस को बाहर निकालता है जो पाचन में मदद करता है,” बैंगलोर स्थित पोषण विशेषज्ञ डॉ अंजू सूद बताते हैं।

आधा चम्मच अजवाइन और आधा चम्मच नमक का सेवन गर्म पानी के साथ करने से गैस्ट्रिक संबंधी समस्याएं खत्म हो जाती हैं। भूख भी लगनी शुरू हो जाती है।

त्रिफला (पेट गैस का रामबाण इलाज)

त्रिफला-पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय

त्रिफला का अर्थ क्या है ? त्रिफला = तीन फल. कौन से तीन फल ??

1) आंवला
2) बहेडा
3) हरड़

इन तीनों से बनता है त्रिफला चूर्ण ।

इस मिश्रण के सेवन की मात्रा और आवृत्ति से सावधान रहें क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है और अधिक मात्रा में लेने पर सूजन हो सकती है।

त्रिफला पाचन तंत्र को साफ करके दोनों का ख्याल रखता है.

अगर आपको कब्जियत मिटानी है तो त्रिफला चूर्ण रात को लीजिये। रात को कब्ज दूर करने के लिए त्रिफला ले रहे हैं, तो एक टी स्पून (आधा बड़ा चम्मच) गर्म पानी के साथ लें और ऊपर से दूध पी लें. सुबह त्रिफला का सेवन करना है तो शहद या गुड़ के साथ लें।

 ये त्रिफला चूर्ण 30-40 साल पुरानी कब्जियत को भी दूर कर देता है।

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जीरा का पानी (पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय)

जीरा का पानी गैस्ट्रिक या गैस की समस्या के लिए सबसे अच्छे घरेलू उपचारों में से एक है।

डॉ सूद कहते हैं “जीरा या जीरा में आवश्यक तेल होते हैं जो लार ग्रंथियों को उत्तेजित करते हैं जो भोजन के बेहतर पाचन में मदद करते हैं और अतिरिक्त गैस के गठन को रोकते हैं,” ।

एक बड़ा चम्मच जीरा लें और इसे दो कप पानी में 10-15 मिनट तक उबालें। खाना खाने के बाद इसे ठंडा होने दें, छान लें और पानी पी लें।

हींग (पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय)

हींग जहां खाने का स्वाद बढ़ाता है , वहीं हींग गैस की समस्या में भी काफी फायदेमंद है। 

डॉ. सूद यह भी सुझाव देते हैं कि आप लगभग आधा चम्मच हींग को गुनगुने पानी में मिलाकर गैस की समस्या को कम करने के लिए पी सकते हैं।

हींग एक एंटी-फ्लैटुलेंस के रूप में कार्य करता है जो आंत बैक्टीरिया के विकास को रोकता है जो आपके पेट में अतिरिक्त गैस पैदा कर सकता है।

आयुर्वेद के अनुसार हींग शरीर के वात दोष को संतुलित करने में मदद करती है।

अदरक (पेट गैस का इलाज)

ताजा अदरक एक महान आयुर्वेदिक उपाय है कि डॉ. वसंत लाड की सलाह के अनुसार भोजन के बाद लगभग एक चम्मच ताजा अदरक को एक चम्मच नीबू के रस के साथ लें।

अदरक की चाय पीना भी गैस से राहत पाने का एक कारगर घरेलू उपाय है। अदरक एक प्राकृतिक कार्मिनेटिव (पेट फूलने वाले एजेंट) के रूप में कार्य करता है।

बेकिंग पाउडर(acidity home remedy in hindi)

बेकिंग पाउडर के साथ नीबू का रस अतिरिक्त गैस को कम करने के लिए आयुर्वेद विशेषज्ञ द्वारा सुझाया गया एक और सरल उपाय है कि एक कप पानी में 1 चम्मच नीबू का रस और आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं।

भोजन के बाद इसका सेवन करें क्योंकि यह कार्बन डाई ऑक्साइड बनाने में मदद करता है जो पाचन प्रक्रिया को आसान बनाता है।

नींबू (is lemon good for acidity)

हालांकि नींबू का रस बहुत अम्लीय होता है, पानी में थोड़ी मात्रा में मिलाने पर यह पचने पर क्षारीय प्रभाव डाल सकता है। यह आपके पेट में एसिड को बेअसर करने में मदद कर सकता है।

यदि आप इस घरेलू उपचार को आजमाने का निर्णय लेते हैं, तो आपको एक चम्मच ताजे नींबू के रस में 1/4 लीटर पानी मिलाना चाहिए।

फिर भोजन से लगभग 20 मिनट पहले इसे पीने से उन लक्षणों को रोकने में मदद मिलती है जो भोजन से शुरू हो सकते हैं।

यदि संभव हो तो इस मिश्रण को स्ट्रॉ के माध्यम से पीना सुनिश्चित करें। यह रस में मौजूद एसिड को आपके दांतों को छूने और दांतों के तामचीनी(enamel) को नष्ट होने से रोक सकता है।

आपको इसकी अम्लता के कारण कभी भी सीधे नींबू का रस नहीं पीना चाहिए। बेहतर नतीजे के लिए इसे पानी के साथ पीने की आवश्यकता है।

पेट की गैस का तुरंत इलाज(how to reduce the stomach gas)

  • दोपहर की सब्जी एवं दाल में अजवाइन मिलाकर खाएं ।
  • सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पिए ।
  • खाने में अदरक का सेवन करें ।
  • छाछ में काली मिर्च और काला नमक मिलाकर पीए ।
  • खाना खाने बाद आधा चम्मच सोआदाना (Dill Seeds) चबाकर खाएं ।
  • खाने में गाय के शुद्ध घी का सेवन करें ।
  • अगर ज्यादा गैस की समस्या रहती हो तो खाना खाने बाद आधा छोटा चम्मच अजवायन और चुटकी भर काला नमक मिलाकर चबाकर खाएं ।
  • जीरे का सेवन करें । जीरे का पानी पिए ।
  • धनिये का सेवन करें ।
  • नींबू का शरबत काला नमक एवं काली मिर्च मिलाकर पीए ।
  • रोटियां धी लगाकर ही खाए ।
  • दूध में काली मिर्च मिलाकर भी पी सकते हैं।
  • दिनभर में 2-3 बार इलायची का सेवन पाचन क्रिया में सहायक होता है और गैस की समस्या दुर कर देता है ।
  • पुदीने की पत्तियों को उबालकर पीने से गैस से छुटकारा मिलता है।
  • सप्ताह में एक दिन उपवास रखने से भी पेट साफ रहता है और गैस की समस्या पैदा नहीं होती।
  • दालचीनी को पानी मे उबालकर, ठंडा करके सुबह खाली पेट शहद मिलाकर पिएं।

क्या न खाए पिएँ (पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय)

avoid junk food-home remedies for acidity
  • अधिक मसाले वाला और अधिक खट्टा भोजन न खाए ।
  • फ्रीज का ठंडा पानी बिलकुल न पिएँ ।
  • कोल्ड ड्रिंक्स नहीं पीना चाहिए ।
  • आलू और उरददाल जेसी चीजें कम खाए ।
  • ठंडा खाना बिल्कुल नहीं खाना चाहिए ।
  • सुबह खाली पेट कभी भी दूध नहीं पीना चाहिए ।
  • सुबह-शाम व्यायाम करें या फिर 4–5 किलोमीटर चलना चाहिए ।

भोजन/खाना जिससे गैस बनती है (foods that cause gas)

foods that cause gas-पेट की गैस को जड़ से खत्म करने के उपाय

यह एक बहुत व्यापक प्रश्न है, और इसलिए इसके उत्तरों की एक लंबी सूची है।

आमतौर पर, कोई भी भोजन जिसे पचने में बहुत अधिक समय लगता है, गैस का कारण बनता है।

तो, इसमें सभी मांस शामिल हैं। लेकिन कुछ भी जो कम पकाया जाता है जैसे कच्ची गोभी या ब्रोकोली, और आंशिक रूप से पके हुए सेम।

ऐसे कई लोग भी हैं जो लैक्टोज असहिष्णु हैं, विशेष रूप से जातीय चीनी और अफ्रीकी। तो गाय के दूध या पनीर से बने उत्पाद भी गैस का कारण बन सकते हैं।

इसके अलावा, ऐसे खाद्य पदार्थ जो आंत के बैक्टीरिया के विकास में उच्च वृद्धि का कारण बनते हैं – जैसे कि बहुत अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थ, या अन्य साधारण कार्बोहाइड्रेट जैसे ब्रेड या गेहूं के नूडल्स – गैस का कारण बनेंगे।

पेट के गैस का घरेलू उपचार (Home Remedy For Stomach Gas)

  • रात समय से सोकर सुबह समय से उठना, सूर्योदय के समय। नींद कम से कम 7-8 घंटे की रखें
  • सुबह उठकर जल्दी से जल्दी पानी पियें, सादा या कुनकुना, बैठकर घूँट घूँट. फिर थोड़ी देर टहल कर शौच| अगर शौच जल्दी आ जाए तो और भी अच्छा
  • शौच के 30-40 मिनट्स बाद बाद अंकुरित चना और मूंग खा सकते हैं|
  • दिन का पहला खाना सबसे ज्यादा होना चाहिए, हो सके तो 10 बजे से पहले पहले। इसमें दही ले सकते हैं और फल में केला,सब्जियों को जिसमे पानी खूब होना चाहिए। खाने के 45 मिनट्स बाद ही पानी पियें| शुरू में प्यास ज्यादा लगे तो 1-2 घूँट ले लें, या निम्बू पानी ले लें, पर ठंडा नहीं
  • खाने के बाद 10-15 मिनट्स बैठें, उसके बाद कुछ करें
  • दोपहर बाद अगर भूख परेशान करे तो 3-4 बजे फल खा लें, या मट्ठा ले लें, जूस नहीं| कुछ और भी हल्का सा खा सकते हैं
  • 6-6:30 के आसपास फिर से शौच जाने का नियम बनाएं| शुरू में परेशानी होगी पर 3-4 दिन में शरीर को आदत हो जाएगी
  • रात का खाना 7-7:30 तक हो जाये, वो भी भूख से आधा| खाने के बाद टहलने जाएँ।
  • रात को दूध लें| या तो खाने के बाद दूध रोटी या खाने के १ घंटे बाद दूध। दूध के १ घंटे बाद ही सोयें।
  • चाहें तो शुरू में रात का त्रिफला ले सकते हैं, पेट साफ़ होगा।
  • ऐसे नियम से चलेंगे तो आपको 2-3 दिन में ही लाभ होगा, और १ सप्ताह से कम में समस्या लगभग ख़तम हो जाएगी। नियम से चलते रहेंगे हो हाजमा फिर से दुरुस्त हो जायेगा।

पेट के गैस की 3 बेहतरीन आयुर्वेदिक अचूक दवा (Stomach Gas Medicine/Tablet)

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किसी प्रकार का अपच/आंत्र रुकावट में गोलियां लेने के बजाय प्राकृतिक समाधानों का सहारा लेना हमेशा अच्छा होता है, लेकिन अगर समस्या बनी रहती है तो अपने डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट तय करने में शर्म न करें। (1,2,3)

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